Arvind Kejriwal attacks Centre for postponing Delhi MCD election date


दिल्ली नगर निगम चुनाव (Delhi MCD Election) की घोषणा की तारीख टालने को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने जनतंत्र के लिए खतरा बताया है। उन्होंने कहा कि अगर इस तरह स्वायत्त संस्थाओं पर दबाव डालकर सरकारें चुनाव टालेंगी तो लोकतंत्र नहीं बचेगा। सरकारें आती जाती रहेंगी, राजनीतिक दल भी आते जाते रहेंगे, मगर देश कमजोर नहीं होना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री से अपील की है कि इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगना चाहिए।

डिजिटल प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दो दिन पहले राज्य चुनाव आयोग दिल्ली नगर निगम चुनावों की घोषणा करने को लेकर सूचना देता है। मगर पांच बजे घोषणा से एक घंटे पहले चार बजे केंद्र सरकार की तरफ से चुनाव आयोग को चिट्ठी लिखी जाती है। उसमें कहा जाता है कि वह दिल्ली के तीनों नगर निगमों को एक साथ एक निगम बनाने जा रहे हैं, इसलिए चुनाव टाल दीजिए। चुनाव आयोग केंद्र सरकार के कहने पर चुनाव घोषणा की तिथियां टाल भी देता है। शायद देश के इतिहास में पहली बार यह हुआ होगा कि सीधे किसी राज्य के चुनाव आयोग को चिट्ठी लिखकर चुनाव टालने को कहा गया है।

केजरीवाल ने कहा कि चुनाव की तिथि टालने से लोगों के मन में कई बातें चल रही हैं। पहली केंद्र की सत्ता में भाजपा 7-8 साल से काबिज है। अगर तीनों एमसीडी को एक साथ करना था तो आठ साल में क्यों नहीं किया गया। चुनाव की तारीख की घोषणा होने से एक घंटे पहले याद आया कि निगमों को एक करना है तो चुनाव टाल दिया जाएं। उन्होंने कहा कि यहां मकसद चुनाव टालना नहीं है। ऐसा लगता है कि भाजपा हार के डर से एमसीडी को एक करने के बहाने चुनाव टालना चाह रही है।

केजरीवाल ने कहा कि चुनावों का तीनों निगमों का एक साथ करने से क्या लेना-देना है। दिल्ली में तीनों नगर निगम में 272 वार्ड हैं। चुनाव हो जाने दीजिए, अभी जो अलग-अलग बैठे हैं वह एक साथ बैठने लग जाएंगे। इससे नए काउंसलर्स आएंगे। अगर एक होगा तो एक साथ बैठेंगे। चुनाव टालना देश के लिए अच्छा नहीं है। केंद्र सरकार ने चुनाव टालने को कहा है जो ठीक नहीं है। चुनाव आयोग झुक गया यह भी ठीक नहीं है। प्रधानमंत्री जी से अपील है कि सरकारें आती जाती रहेंगी। कल आप भी नहीं होंगे। कल मैं भी नहीं रहूंगा। यहां देश महत्वपूर्ण है। चुनाव आयोग को दबा डालकर चुनाव रद्द कराते हैं तो वह कमजोर होता है। इससे देश कमजोर होता है। हमें मिलकर देश को मजबूत करना है।

चुनाव आयुक्त क्यों मान गए धमकी मिली या लालच

अरविंद केजरीवाल ने इस दौरान राज्य चुनाव आयुक्त पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं पता वह एक घंटे में ही क्यों चुनाव टालने को तैयार हो गए? क्या राज्य के चुनाव आयुक्त पर दबाव डाला गया या फिर आयकर और ईडी की कार्रवाई की धमकी दी गई? क्या यही कारण है कि वह एक घंटे के अंदर चुनाव टालने को तैयार हो गए। उनका कार्यकाल खत्म हो रहा है। क्या कार्यकाल खत्म होने पर उन्हें कोई और पद का लालच दिया गया है। अपने राज्य चुनाव आयोग के आयुक्त से कहना चाहता हूं कि ऐसा करेंगे तो जनतंत्र ही नहीं बचेगा।



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