BCCI Umpiring Exam 137 candidate fails in the umpiring Test out of 140 know what type of questions were asked


भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी BCCI को कोई बार इस बात का सामना करना पड़ा है कि उनके पास अंपायरों की कमी है और जो अंपायर हैं, उनके फैसले विवादों का कारण बन जाते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए बीसीसीआई ने जुलाई 2022 में अंपायरिंग के लिए एग्जाम लिया था, लेकिन हैरान करने वाली बात ये थी कि 140 कैंडिडेट्स ने इसमें भाग लिया था और सिर्फ 3 ही लोग इसे पास कर सके। 137 लोग फेल हो गए। 

पिछले महीने अहमदाबाद में ग्रुप डी के मैचों की अंपायरिंग करने के लिए बीसीसीआई ने परीक्षा का आयोजन कराया था। ग्रुप डी के तहत जूनियर महिला क्रिकेट और जूनियर पुरुष क्रिकेट को शामिल किया जाता है। इसी स्तर के मैचों के लिए अंपायरिंग के लिए टेस्ट लिया गया था, लेकिन 3 ही लोग इसे पास कर पाए। बता दें कि ग्रुप डी की अंपायरिंग ही आपके लिए नेशनल और इंटरनेशनल क्रिकेट में अंपायरिंग करने के दरवाजे खोलती है।  

अंपायरिंग के लिए परीक्षा को पास करने के लिए 200 नंबरों का एग्जाम था, जिसमें लिखित परीक्षा 100 अंक की, वाइवा और वीडियो 35 अंक का और फिजिकल 30 मार्क्स का था, जिसमें से कम से कम 90 अंक लाने थे, लेकिन 140 में से 137 लोग ऐसा नहीं कर सके। कोरोना महामारी के बाद ऐसा पहली बार था जब बोर्ड ने अंपायरिंग के लिए परीक्षा कराई थी। एग्जाम के वीडियो टेस्ट में मैच के फुटेज और विशेष परिस्थितियों में अंपायरिंग को लेकर प्रश्न किए थे। 

 
सवाल: क्या गेंदबाज चोट लगने पर उंगली में पट्टी बांधकर गेंदबाजी करा सकता है? 
जवाब: गेंदबाज को अगर गेंदबाजी करनी है तो उसे पट्टी हटानी होगी।

सवाल: अगर पवेलियन, पेड़ या फील्डर की परछाई पिच पर पड़ने लगे और बल्लेबाज शिकायत करे तो आप मैच रोक देंगे या क्या कदम उठाएंगे? 
जवाब: पवेलियन या पेड़ की छाया को नोटिस में नहीं लेना चाहिए। फील्डर को स्थिर रहने के लिए कहा जाना चाहिए, नहीं तो अंपायर को डेड बॉल करार दे देनी चाहिए। 

सवाल: बल्लेबाज शॉट खेलता है और गेंद शॉर्ट लेग पर खड़े फील्डर के हेलमेट पर लगती है। हेलमेट उसके सिर से निकल जाता है और कोई दूसरा फील्डर कैच कर लेता है तो आप बल्लेबाज को आउट देंगे या नहीं? 
जवाबः बल्लेबाज नॉट आउट रहेगा।

हालांकि, अच्छी बात ये थी कि अधिकांश ने फिजिकल में अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन लिखित परीक्षा में ऐसा नहीं कर पाए। बीसीसीआई के एक अधिकारी ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि ग्रुप डी की अंपायरिंग के लिए मानक ऐसा रखा गया था कि केवल सर्वश्रेष्ठ योग्यता प्राप्त व्यक्ति ही चयन के लिए आगे बढ़े। अधिकारी ने कहा, “अंपायरिंग एक कठिन काम है। इसके लिए जुनून रखने वाले ही आगे बढ़ सकते हैं। राज्य संघों द्वारा भेजे गए उम्मीदवार योग्य नहीं थे। यदि वे बोर्ड के मैच में अंपायरिंग करना चाहते हैं, तो उन्हें ज्ञान होना चाहिए।” 



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