Bully Bai app case: girl was using mobile phone sim dead father id mumbai police seize mobile phone


‘बुली बाई ऐप’ की मुख्य आरोपी मानी जा रही लड़की जिन सिम का अपने मोबाइल में इस्तेमाल कर रही थी, उनकी आईडी को लेकर मुंबई पुलिस भ्रमित हो गई थी। यही कारण रहा जब मुंबई साइबर सेल की टीम ने मोबाइल की सीडीआर और आईडी निकाली, तो यह आईडी पुरुष के नाम पायी। इसके बाद मुंबई पुलिस रुद्रपुर पहुंची। पुलिस ने जब आदर्श कॉलोनी में दबिश दी तो आरोपी एक युवती निकली।

इसके बाद मुंबई पुलिस ने स्थानीय महिला पुलिस की मदद से आरोपी युवती को गिरफ्तार किया। पुलिस टीम ने मुंबई में अपने आला अधिकारियों को पूरे मामले की जानकारी दी। इसके बाद वहां से महिला पुलिस कर्मियों की रवानगी कराई गई। एक जनवरी को ‘बुली बाई ऐप’ से मचे बवाल के बाद मुंबई की साइबर सेल पुलिस ने केस दर्ज कर ऐप से जुड़े हर व्यक्ति के मोबाइल नंबरों की जांच की।

पुलिस सूत्रों की मानें तो जांच में ज्यादातर मोबाइल स्विच ऑफ मिले, लेकिन रुद्रपुर स्थित आदर्श कॉलोनी की युवती श्वेता सिंह का मोबाइल चालू था। पिता की मौत के बाद श्वेता पिता की आईडी पर जारी सिम ही इस्तेमाल कर रही थी। इसीलिए यह नंबर पिता के नाम पर ही चल रहा था। सर्विलांस में लोकेशन मिलने पर मुंबई पुलिस टीम ने रुद्रपुर में दबिश दी थी। बुधवार की सुबह चार बजे मुंबई पुलिस की दो महिला सिपाही मुंबई से दिल्ली तक हवाई जहाज से और दिल्ली से टैक्सी बुक कराकर रुद्रपुर पहुंच गईं।

इसके बाद ही मुंबई पुलिस आरोपी युवती श्वेता को अपने साथ ले गई। इसके बाद ऐप मामले में कई खुलासे होने की उम्मीद है। उत्तराखंड में मुंबई पुलिस ने अब तक एक युवती सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। रुद्रपुर में लड़की को गिरफ्तार करने के बाद मुंबई पुलिस ने बुधवार को सैन्य कर्मी के बेटे को कोटद्वार में गिरफ्तार किया है।  

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मुख्य आरोपी की बड़ी बहन मनीषा बोली, निर्दोष है श्वेता
बुली बाई ऐप मामले में पुलिस के शिकंजे में आई युवती श्वेता सिंह की बड़ी बहन मनीषा सिंह ने अपनी छोटी बहन को निर्दोष बताया। मनीषा ने बताया कि पिता की मौत के बाद से श्वेता गुमसुम रहने लगी थी। बुली बाई ऐप के जरिए श्वेता अपना दु:ख बांटना चाहती थी, लेकिन ऐप संचालक ने विश्वासघात कर उसकी छोटी बहन का अकाउंट हैक कर लिया। मनीषा का आरोप है कि श्वेता को मोहरा बनाया गया और अब मुंबई पुलिस उसे प्रताड़ित कर रही है।

यदि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए, तो उसकी बहन निर्दोष साबित होगी। मनीषा ने बताया कि वर्ष 2011 में मां के देहांत और वर्ष 2021 में कोरोना से पिता की मौत हो गई थी। इससे श्वेता बुरी तरह से टूट गई थी, क्योंकि श्वेता का पिता से बेहद लगाव था और पिता भी उसे बहुत प्यार करते थे। इसके अलावा आंखों की गंभीर बीमारी से ग्रसित श्वेता पिता की मौत के बाद से गुमसुम रहने लगी थी। कॉलेज से घर आने के बाद वह ज्यादातर समय मोबाइल से ही अपना मन बहलाती थी। 



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