Chinese are realising that Dalai Lama not seeking independence Tibetan spiritual leader Dalai Lama – India Hindi News


जम्मू दौरे पर पहुंचे तिब्बत के आध्यात्मिक नेता दलाई लामा ने कहा कि वे चीन से आजादी नहीं बल्कि उसके अंदर ही तिब्बत के लिए स्वायत्तता की मांग रहे हैं। हाल ही में अपना 87वां जन्मदिन मनाने वाले दलाई लामा ने कहा कि कुछ चीनी लोग उन्हें अलगाववादी मानते हैं। दलाई लामा ने कहा, “कुछ चीनी कट्टरपंथी मुझे अलगाववादी और प्रतिक्रियावादी मानते हैं, इसलिए हमेशा मेरी आलोचना करते हैं। लेकिन अब अधिक से अधिक चीनियों ने महसूस किया है कि दलाई लामा स्वतंत्रता की मांग नहीं कर रहे हैं, बल्कि चीन के अंदर ही सार्थक स्वायत्तता और तिब्बती बौद्ध संस्कृति का संरक्षण चाहते हैं।”

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तिब्बती आध्यात्मिक गुरु ने आगे कहा कि अधिक से अधिक चीनी तिब्बती बौद्ध धर्म के बारे में रुचि दिखा रहे हैं। उन्होंने कहा, “कुछ चीनी विद्वानों ने महसूस किया है कि तिब्बती बौद्ध धर्म वास्तव में ज्ञान और परंपरा से भरा है और एक बहुत ही वैज्ञानिक धर्म है।” 2018 में, दलाई लामा ने वाशिंगटन डीसी स्थित इंटरनेशनल कैंपेन फॉर तिब्बत (ICT) को एक वीडियो संदेश में कहा था कि वे 1974 के बाद से चीन से स्वतंत्रता की मांग नहीं कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर सुलह हो जाए तो चीन और तिब्बत को पारस्परिक लाभ हो सकता है। 

दलाई लामा ने कहा था कि 1950 और 60 के दशक के अंत में, चीनी कट्टरपंथियों का लगभग यह विश्वास था कि चीनी सैन्य बलों के इस्तेमाल से तिब्बती मुद्दे को खत्म किया जा सकता है। दलाई लामा दो दिवसीय जम्मू और लद्दाख दौरे पर हैं। तिब्बती आध्यात्मिक गुरु के आज रात जम्मू में रुकने और शुक्रवार को केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख पहुंचने की संभावना है। यह पिछले दो वर्षों में धर्मशाला के बाहर उनकी पहली यात्रा है। दलाई लामा की यात्रा भारत और चीन के बीच सीमा विवादों को सुलझाने के लिए सोलहवीं कमांडर-स्तरीय वार्ता से पहले हो रही है, जो 17 जुलाई को निर्धारित है।

 



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