DC assistant coach Shane Watson expresses regret over no-ball controversy


दिल्ली कैपिटल्स (डीसी) और राजस्थान रॉयल्स (आरआर) के बीच आईपीएल 2022 का 34वां मैच विवाद से घिरता नजर आ रहा है। मुकाबले में दिल्ली की पारी के 20वें ओवर के दौरान मैदानी अंपायर नितिन मेनन ने एक गेंद को नो-बॉल नहीं दिया। दिल्ली को इस मैच में 15 रन से हार झेलनी पड़ी। अंपायर के नो बॉल न देने के फैसले से दिल्ली कैपिटल्स का पूरा खेमा काफी नाराज और गुस्से में था।

अंपायर के इस फैसले के बाद दिल्ली के कप्तान ऋषभ पंत (Rishabh Pant) में इतने गुस्से में आ गए कि उन्होंने अपने दोनों बल्लेबाजों-रॉवमैन पॉवेल और कुलदीप यादव को क्रीज छोड़कर वापस आने के लिए कह दिया। कई बार मना करने के बाद भी पंत मानने को तैयार नहीं थे। लेकिन फिर तभी दिल्ली कैपिटल्स के असिस्टेंट कोच शेन वॉटसन (Shane Watson) ने ऋषभ को समझाया और फिर जाकर कप्तान शांत हुए। इसके बाद दोबारा मैच शुरू हुआ तो पॉवेल अपनी लय खो चुके थे।

नो बॉल को लेकर पंत की जमकर हुई बहस, कोच प्रवीण आमरे मैदान में घुसे

मैच के दौरान नो-बॉल को लेकर हाई वोल्टेज ड्रामा होने के बाद वॉटसन ने अपनी ही टीम को फटकार लगाई है। वॉटसन ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि आखिर में जो कुछ भी हुआ, दिल्ली कैपिटल्स उसका सपोर्ट नहीं करती है। उन्होंने साथ ही इस पूरे मामले पर खेद व्यक्त किया है। वॉटसन ने कहा कि हमें अंपायर के फैसले को स्वीकार करना होगा, चाहे वह सही हो या नहीं। विवाद के बीच दिल्ली कैपिटल्स के बल्लेबाजी कोच प्रवीण आमरे मैदान में घुसकर अंपायर से बहस करने लगे। वॉटसन ने इस पर कहा कि अगर कोई मैदान में घुसता है तो यह सही नहीं है।

ऋषभ पंत ने नो-बॉल विवाद पर कहा- थर्ड अंपायर को गेंद चेक करना चााहिए था

संबंधित खबरें

कप्तान पंत ने मैच के बाद माना कि उन्होंने आमरे को मैदान पर भेजकर गलती की। लेकिन उन्होंने अंपायर के नो-बॉल का संकेत नहीं देने का फैसला भी किया। पंत ने कहा, ‘जाहिर तौर पर यह सही नहीं था (आमरे को मैदान पर भेजना) लेकिन हमारे साथ जो हुआ वह भी सही नहीं है, यह इस समय की स्थिति के कारण हुआ।’  



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here