Delhi Electric Vehicles Policy : Arvind Kejriwal govt likely to roll out EMI facility on electric 2-wheelers for govt employees


राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए दिल्ली में बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने को प्रोत्साहित करने के मद्देनजर आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने अपने कर्मचारियों को आसान मासिक किश्तों (ईएमआई) पर इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन उपलब्ध कराने की योजना बना रही है।

अधिकारियों ने कहा कि सरकार ने गुरुवार को ई-साइकिल को प्रोत्साहित करने के लिए एक बड़ी योजना की घोषणा की थी – पहले 10,000 इलेक्ट्रिक साइकिल खरीदारों को 25 प्रतिशत (10,000 रुपये तक) का खरीद प्रोत्साहन मिलेगा, जबकि पहले 1,000 को 2,000 रुपये का अतिरिक्त प्रोत्साहन मिलेगा। आधिकारिक अनुमान के मुताबिक, दिल्ली सरकार के पास दो लाख से ज्यादा कर्मचारी हैं। 

अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि दिल्ली सरकार अब अपने कर्मचारियों को इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन उपलब्ध कराने के लिए ऊर्जा दक्षता सेवा लिमिटेड की सहायक कंपनी कन्वर्जेंस एनर्जी सर्विसेज लिमिटेड (सीईएसएल) के साथ करार करने पर विचार कर रही है। अधिकारी ने कहा कि चूंकि दिल्ली में दो-तिहाई नए वाहनों के पंजीकरण में दोपहिया (स्कूटर और मोटरसाइकिल) का योगदान है, इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि राजधानी में वायु प्रदूषण में उल्लेखनीय कमी लाने में मदद करने के लिए यह सेगमेंट इलेक्ट्रिक मोड में बदल जाए।

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एक अन्य अधिकारी ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों के लिए इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर योजना आम जनता को लागत और प्रौद्योगिकी से संबंधित मनोवैज्ञानिक बाधाओं को दूर करते हुए ऐसे वाहनों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करेगी। कर्मचारियों को अपने विभाग के माध्यम से इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन खरीदने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा और उनके पास एडवांस पेमेंट करने या ईएमआई का विकल्प चुनने का विकल्प होगा, जिसे उनके वेतन से काट लिया जाएगा।

सीईएसएल के एक अधिकारी ने कहा कि उन्होंने पिछले साल नवंबर में दिल्ली सरकार से संपर्क किया था और साझेदारी के लिए बातचीत जारी है। सीईएसएल हाईवे और एक्सप्रेसवे समेत राजधानी में चार्जिंग के बुनियादी ढांचे का निर्माण करने और उसके रखरखाव के लिए जिम्मेदार होगी। कंपनी ने केरल, गोवा और आंध्र प्रदेश से पहले ही करार कर लिया है।

सरकारी अनुमानों के अनुसार, दिल्ली में लगभग 1.33 करोड़ रजिस्टर्ड वाहन हैं और उनमें से लगभग 67 प्रतिशत दोपहिया वाहन हैं। 2016 में आईआईटी-कानपुर द्वारा की गई एक स्टडी से पता चला है कि परिवहन क्षेत्र में दिल्ली में PM 2.5 और राजधानी में कुल प्रदूषण भार का 41 प्रतिशत है।

वायु प्रदूषण में ट्रकों और ट्रैक्टरों के बाद दुपहिया वाहनों का दूसरा सबसे बड़ा योगदान है। दिल्ली सरकार वायु प्रदूषण को कम करने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर बढ़ने के लिए ठोस प्रयास कर रही है। सरकार ने अगस्त 2020 में साल 2024 तक कुल वाहन बिक्री में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी को 25 प्रतिशत तक बढ़ाने के लिए दिल्ली इलेक्ट्रिक वाहन नीति (Delhi Electric Vehicles Policy) पेश की थी।

इसके साथ ही इस साल फरवरी में, सरकार ने सभी एग्रीगेटर्स और डिलीवरी सेवा प्रदाताओं को अपने नए बेड़े में इलेक्ट्रिक वाहनों को शामिल करने के लिए अनिवार्य रूप से एक ड्राफ्ट पॉलिसी नाटिफाई की थी। पॉलिसी के लागू होने के बाद एग्रीगेटर्स और डिलीवरी सेवा प्रदाताओं को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके नए दोपहिया वाहनों में से 10 प्रतिशत और नए चार पहिया वाहनों में से पांच प्रतिशत पहले तीन महीनों में इलेक्ट्रिक हों।

उन्हें यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनके नए दोपहिया वाहनों में से 50 प्रतिशत और नए चार पहिया वाहनों में से 25 प्रतिशत मार्च 2023 तक इलेक्ट्रिक हों।



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