NEET PG 2021 counseling will start from January 12 2022 health minister informed


जूनियर डॉक्टरों के लिए 12 जनवरी 2022 से पीजी नीट काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। भारत के स्वास्थ्य मंत्री डॉ मनसुख मंडाविया ने ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी है। डॉ मनसुख मंडाविया ने कहा कि, रेसीडेंट डॉक्टरस को स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा दिए आश्वासन अनुसार, माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद MCC द्वारा NEET-PG काउन्सलिंग 12 जनवरी 2022 से शुरू की जा रही है। इससे कोरोना से लड़ाई में देश को और मज़बूती मिलेगी। सभी उम्मीदवारों को मेरी शुभकामनाएं।

इससे पहले नीट दाखिले में आरक्षण पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद मेडिकल काउंसलिंग कमिटी (एमसीसी) ने अहम नोटिस जारी किया था। इसमें एमसीसी ने अभ्यर्थियों को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बारे में बताया है और आश्वासन दिया था कि काउंसलिंग का नया शेड्यूल जल्द ही वेबसाइट mcc.nic.in पर जारी होगा। 

एमसीसी ऑल इंडिया कोटा सीटों में नीट यूजी प्रवेश परीक्षा 2021 के लिए 15 फीसदी और नीट पीजी प्रवेश 2021 के लिए 50 फीसदी सीटों पर ऑनलाइन काउंसलिंग आयोजित करेगा। यूजी और पीजी दोनों स्तरों के लिए बाकी बची सीटों (स्टेट कोटा) के लिए राज्यवार काउंसलिंग पहले ही शुरू हो चुकी है। 

एमसीसी ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद आरक्षण के नियम इस प्रकार रहेंगे –  
1. एससी – 15 फीसदी
2 – एसटी – 7.5 फीसदी 
3. दिव्यांग – क्षैतिज आरक्षण – 5 फीसदी
4. ओबीसी – नॉन क्रीम लेयर (केंद्र की ओबीसी लिस्ट के मुताबिक) – 27 फीसदी
5- आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग ( EWS ) – 10 फीसदी 

आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को अपने एक अंतरिम आदेश में वर्ष 2021-22 के नीट-पीजी मेडिकल कोर्स में प्रवेश के लिए काउंसिलिंग शुरू करने को मंजूरी दे दी। साथ ही ओबीसी के छात्रों को 27 प्रतिशत तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए 10 फीसदी आरक्षण की वैधता को बरकरार रखा। कोर्ट ने कहा, वर्ष 2021-22 के लिए नीट-पीजी की काउंसिलिंग पहले के मानदंडों के आधार पर होगी। यानी आठ लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले ईडब्ल्यूएस कोटे के लिए पात्र होंगे। पीठ ने कहा, नीट-पीजी 2021 व नीट-यूजी 2021 के आधार पर काउंसलिंग 29 जुलाई 2021 को जारी नोटिस में दर्ज आरक्षण को प्रभावी बनाते हुए होगी। इसमें ओबीसी छात्रों को 27 एवं ईडब्ल्यूएस के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण शामिल है।

कोर्ट ने कहा, दो दिनों में कोर्ट में पेश सभी याचिकाओं पर विस्तृत आदेश की आवश्यकता है। हम पांडे समिति की सिफारिश स्वीकार करते हैं कि 2019 के मेमोरंडम में तय मानदंड वर्ष 2021-22 के लिए उपयोग होंगे ताकि प्रवेश प्रक्रिया अव्यवस्थित न हो। मानदंडों की वैधता पर निर्णय मार्च में याचिकाओं पर सुनवाई के बाद होगा।



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