old excise policy of selling liquor in Delhi will bring silver for contracts of Haryana and UP


राजधानी दिल्ली में जल्द ही शराब बिक्री की पुरानी व्यवस्था एक बार फिर लौटने वाली है। केंद्र के साथ नए उत्पाद शुल्क को लेकर उठे विवाद के बीच उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने शनिवार को कहा कि केवल सरकार द्वारा संचालित शराब की दुकानें सोमवार 1 अगस्त से नई आबकारी नीति लागू होने तक संचालित होंगी।

दिल्ली के उपराज्यपाल द्वारा नई आबकारी नीति (New Excise Policy) के क्रियान्वयन की सीबीआई जांच की सिफारिश के बाद दिल्ली सरकार ने राजधानी में खुदरा शराब बिक्री की पुरानी व्यवस्था को फिर से अपनाने का फैसला किया। 

बता दें कि नई शराब नीति की वजह से मौजूदा समय में दिल्ली में चल रही शराब की दुकानों की संख्या में भारी गिरावट आई।  जिसके बाद दिल्ली के उपराज्यपाल ने इस महीने की शुरुआत में आबकारी नीति के कार्यान्वयन में नियमों के कथित उल्लंघन और प्रक्रियात्मक खामियों की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। उन्होंने दिल्ली के मुख्य सचिव को कथित अनियमितताओं में आबकारी विभाग के अधिकारियों की भूमिका की जांच के साथ-साथ बोली के माध्यम से खुदरा शराब लाइसेंस जारी करने में कार्टेलाइजेशन की शिकायत का भी निर्देश दिया था। लेकिन दिल्ली में पुरानी आबकारी नीति के चलते अब हरियाणा और यूपी के ठेकों की चांदी होने वाली है। सरकार की सख्ती पर शटर डाउन हुए तो दिल्ली में शराब की किल्लत भी हो सकती है। इसका सीधा असर शराब के शौकीनों पर पड़ेगा यानि शराब पीने वालों पर पड़ेगा। ऐसे में या तो शराब नहीं मिलेगी और अगर मिलेगी तो महंगी मिल सकती है।

वहीं, दिल्ली में सस्ती शराब के लिए एनसीआर के शहरों के लोग भी आ रहे थे। ऐसे में अब वापस पुरानी आबकारी नीति के आने से हरियाणा और यूपी के ठेकों को फायदा होने वाला है। 

 



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