Ramanand Sagar Ramayan unknown Facts starring Arun Govil Ram Dipika Chikhlia Sita Sunil Lahri Laxman amid adipurush ravan controversy saif Ali Khan Prabhas – Entertainment News India


इन दिनों ओम राउत (Om Raut) निर्देशित फिल्म आदिपुरुष (Adipurush)को लेकर खबरों का बाजार गर्म है। सैफ अली खान (Saif Ali Khan) , प्रभास (Prabhas), सनी सिंह (Sunny Singh) और कृति सेनन (Kriti Sanon) फिल्म को लेकर एक ओर जहां भारी विरोध देखने को मिल रहा है तो वहीं दूसरी ओर फिल्म को तगड़ा सपोर्ट भी किया जा रहा है। आदिपुरुष के टीजर पर धार्मिक भावनाएं आहत करने से लेकर ‘सस्ते’ वीएफएक्स के इस्तेमाल तक पर सोशल मीडिया यूजर्स रिएक्ट कर रहे हैं। आदिपुरुष के विवाद के बाद रामानंद सागर की रामायण (Ramayan) चर्चा में आ गई है। ऐसे में आपको बताते हैं अरुण गोविल (Arun Govil), दीपिका चिखलिया (Dipika Chikhlia) और सुनील लहरी (Sunil Lahri) स्टारर रामायण से जुड़े कुछ किस्से…

1987 में शुरू हुई थी रामायण

जनवरी 1987 में रामायण का प्रसारण दूरदर्शन पर शुरू हुआ था, जिसे दर्शकों से बेशुमार प्यार मिला। अरुण- दीपिका और सुनील को दर्शक हकीकत में राम-सीता और लक्ष्मण मानने लगे थे। टीवी पर जब रामायण शुरू होता था तो इलाके में कर्फ्यू जैसा माहौल हो जाता था क्योंकि हर कोई सिर्फ टीवी के सामने बैठकर रामायण देखता था। इस शो के लिए दर्शकों का प्यार कुछ ऐसा था कि कुछ लोग कार्यक्रम शुरू होने से पहले टीवी को माला पहनाते थे तो कुछ जोर जोर से जय श्रीराम के नारे लगाते थे। ‘रामायण’ रविवार सुबह साढ़े नौ बजे आता था और  लोगों का विश्वास था कि ईश्वर साक्षात उनके घर आ गए हैं।

कोविड काल में भी शो को मिला प्यार

2020-21 में जब कोविड की मार से देश त्रस्त था और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री तक ठप हो गई थी तो कोई चैनल्स पर पुराने शो को दिखाया जाना शुरू किया गया था। ऐसे में जब दूरदर्शन पर रामायण का प्रसारण एक बार फिर किया गया और शो ने सभी शोज के टीआरपी रिकॉर्ड तोड़ दिए थे। रामायण के बाद महाभारत, श्रीकृष्ण आदि शोज के भी प्रसारण दोबारा किए गए और दर्शकों ने सभी को खूब प्यार दिया। बता दें कि रामानंद सागर हर एपिसोड को सोमवार से गुरुवार तक शूट करते, शुक्रवार को एडिट करते और रविवार सुबह ब्रॉडकास्ट के लिए मुंबई भेजते। शूटिंग ज़्यादातर रात को होती थी और तड़के सुबह ही पैकअप होता था।

शूटिंग सेट पर हमेशा 200 से 300 लोग मौजूद …

‘रामायण’ में सीता का किरदार दीपिका चिखलिया ने निभाया था और उन्हें आज भी बड़ी संख्या में दर्शक माता सीता के किरदार में ही देखते हैं। दीपिका चिखलिया ने एक इंटरव्यू में बताया था, ‘शूटिंग के दौरान बहुत गर्मी और उमस हुआ करती थी क्योंकि तब न पंखे थे और न एसी। हम सब अपने सुंदर कॉस्ट्यूम में, गहनों से संवरे हुए बुत की तरह घूमते रहते थे। सेट पर हमेशा 200 से 300 लोग मौजूद रहते थे। जब यह धारावाहिक शुरू हुआ था तो मेरी उम्र ज्यादा न थी और तब इस बात का तनिक भी अहसास नहीं था कि हम नया इतिहास रचने जा रहे हैं।’

ईश्वर की चलती-फिरती मूर्ति….

दीपिका ने आगे कहा था, ‘रामायण की लोकप्रियता का आलम यह था कि दादा-दादी, मम्मी-पापा की उम्र के लोग आकर मेरे पांव छूते थें। मुझे बहुत बुरा लगता था लेकिन फिर समझ में आया कि यह तो उनकी आस्था है, विश्वास है। वे मेरे नहीं, सीता के चरण स्पर्श कर रहे हैं। 31 जुलाई, 1988 को रामायण का अंतिम एपिसोड प्रसारित हुआ था। हम सब अलग होने से पहले एक-दूसरे से गले मिले। मानो एक युग का अंत हुआ। बेहद मुश्किल लग रहा था उस रुटीन से बाहर आना।’ दीपिका के मुताबिक रामायण की कहानी और किरदार इतने खूबसूरत और असरदार थें कि लोग उन्हें अब भी पहचानते हैं, सम्मान देते हैं। उस वक्त उन जैसे कलाकार लोगों के लिए ईश्वर की चलती-फिरती मूर्ति थे।’

डॉक्टर्स छोड़ देते थे मरीज और रैलियां हो गई थीं बंद

बता दें कि लखनऊ के एक अस्पताल में मरीजों ने इस बात की शिकायत की थी कि डॉक्टर और नर्स ‘रामायण’ शुरू होते ही उन्हें छोड़कर सीरियल देखने चले जाते थे। हालांकि ये भी कहा जाता था कि ऐसे सिर्फ हल्की फुलकी खांसी जुकाम वाली बीमारी के मरीजों के साथ होता था। सिर्फ डॉक्टर्स ही नहीं बल्कि राजनीतिक दलों ने भी उस वक्त रैली निकालना बंद कर दिया था। कहते हैं कि लोगों ने अपनी शादी की तारीख और समय तक बदल दिए थे ताकि रामायण का एक भी एपिसोड उनसे न छूटे।

रावण के किरदार में अरविंद ने डाली जान

रामानंद सागर की रामायण में राम, सीता, लक्ष्मण और हनुमान के अलावा रावण ने भी खूब सुर्खियां बटोरी थीं। एक ओर जहां रावण को उनकी एक्टिंग के लिए खूब तारीफें मिलीं तो दूसरी ओर यही उनके लिए मुसीबत भी बनी। शो में रावण का किरदार अरविंद त्रिवेदी ने निभाया था, और कुछ इंटरव्यूज में उन्होंने कहा था कि लोग उन्हें हकीकत में रावण मानकर उन से नफरत करने लगे थे। उन्होंने ऐसे ही कुछ किस्सों का भी जिक्र किया था। अरविंद को भले ही रावण के रूप में देश भर में पहचान मिली लेकिन वह एक राम भक्त और शिव भक्त थे। कहा जाता है कि शूटिंग के दौरान कई बार वो व्रत रखते थे और पूरा काम निपटाकर ही अपना व्रत तोड़ते थे।

 



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