russian soldier message his mother that they targeting civilians in ukraine htgp


पूरी दुनिया इस समय यूक्रेन में रूसी सेना द्वारा मचाई का रही तबाही के बारे में देख और सुन रही है लेकिन यूक्रेन पीछे हटने को तैयार नहीं है। इसी बीच यूक्रेन-रूस युद्ध पर संयुक्त राष्ट्र महासभा में एक आपातकालीन सत्र भी बुलाया गया। इसी सत्र में संयुक्त राष्ट्र में यूक्रेन के राजदूत ने यूक्रेन में घटी एक घटना का जिक्र करते हुए रूसी सैनिक का एक संदेश पढ़ा, जिसमें दावा किया गया कि रूसी सेना अब यूक्रेन के नागरिकों पर भी हमला कर रही है।

दरअसल, इस युद्ध को रोकने के लिए संयुक्त राष्ट्र महासभा का एक आपातकालीन सत्र बुलाया गया। सत्र में रूस से यूक्रेन के साथ युद्ध को रोकने के प्रस्ताव का कई देशों के राजदूतों ने समर्थन किया है। इस सत्र को संबोधित करते हुए संयुक्त राष्ट्र में यूक्रेन के राजदूत सर्गेई किस्लित्स्या ने कहा कि एक रूसी सैनिक ने अपने आखिरी संदेश में अपनी मां को फोन पर जो मैसेज भेजा है। इसके बाद युद्ध में उस रूसी सैनिक की मौत हो गई।

राजदूत के मुताबिक उसने लिखा ‘मां मैं यूक्रेन में हूं, यहां एक वास्तविक युद्ध छिड़ा हुआ है और मुझे डर लग रहा है। हम सभी शहरों पर एक साथ बमबारी कर रहे हैं। यहां तक ​​​​कि नागरिकों को भी निशाना बना रहे हैं।’ उसने इस मैसेज को तब लिखा जब पहले रूसी सैनिक की मां अपने बेटे से पूछती है कि उसे आखिरी बार जवाब दिए इतना समय क्यों लगा और क्या वह उसे एक पार्सल भेज सकती है। लेकिन वह ऐसा जवाब देता है।

इतना ही नहीं सैनिक ने आगे लिखा कि हमें बताया गया था कि यूक्रेनी हमारा स्वागत करेंगे लेकिन वे हमारे बख्तरबंद वाहनों के नीचे गिर रहे हैं, खुद को पहियों के नीचे फेंक रहे हैं और हमें गुजरने नहीं दे रहे हैं। वे हमें फासीवादी कहते हैं। मां, यह बहुत कठिन है। यह मैसेज पढ़ते हुए यूक्रेन के राजदूत ने सभा में  में कहा कि आप इस त्रासदी की कल्पना कीजिए यह कितना बड़ा है जो 24 फरवरी से शुरू हुआ है। उन्होंने आगे कहा कि कल्पना कीजिए अगर यह आपके सामने हो रहा हो।

महासभा में यूक्रेन के राजदूत सर्गेई ने यह भी कहा कि महासभा को वैश्विक सुरक्षा पर मंडराते खतरे के मद्देनजर यह आपातकालीन सत्र बुलाना पड़ा। सर्गेई ने कहा कि महासभा को स्पष्ट तौर पर रूस को अपनी आक्रामकता को रोकने की मांग को लेकर आवाज बुलंद करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि रूस को बिना किसी शर्त तत्काल यूक्रेनी क्षेत्रों से अपनी सेना को हटाना चाहिए। 

उधर यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की रूसी सैनिकों से अपील कर रहे हैं कि वह यूक्रेन को छोड़ दें और अपनी जिंदगी बचाए। यूक्रेन लगातार रूसी सैनिकों द्वारा यूक्रेन में किए जा रहे शोषण को दुनिया के सामने रख रहे हैं। यूक्रेन ने दावा किया है कि 4500 से अधिक रूसी सैनिक अभी तक इस युद्ध में मारे जा चुके हैं। यूक्रेन से वार्ता के बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने त्रिस्तरीय परमाणु बलों को ‘हाई अलर्ट’ पर कर दिया है। इससे परमाणु युद्ध की आशंका बढ़ गई है। 





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