Turkeys Ilker Ayci declines Air India CEO role connection with Pakistan read why – Business News India


तुर्की के इल्कर आयसी (Ilker Ayci) ने एयर इंडिया (Air India) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बनने से इनकार कर दिया है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की खबर के मुताबिक, इल्कर आयसी ने एयर इंडिया की कमान संभालने से इनकार कर दिया है। रॉयटर्स को टाटा के एक प्रवक्ता ने बताया कि उनकी नियुक्ति की घोषणा के बाद भारत में विरोध शुरू हो गया, जिसके चलते आयसी ने यह फैसला लिया। 

बता दें कि भारत की सत्ताधारी पार्टी के करीबी हिंदू राष्ट्रवादी समूह ने तुर्की के साथ अपने पिछले राजनीतिक संबंधों का हवाला देते हुए एयर इंडिया के मुख्य कार्यकारी के रूप में आयसी की नियुक्ति को रोकने के लिए सरकार से आह्वान किया था। 

सामने आ चुका है ‘पाकिस्तानी कनेक्शन’

हाल ही में टाटा संस (Tata sons) के बोर्ड ने एयर इंडिया के नए एमडी-सीईओ के रूप में इल्कर आयसी का चयन किया था। जिसके बाद वे अपना पदभार 1 अप्रैल  2022 से संभालने वाले थे। हालांकि, इसके बाद से ही इल्कर आयसी की नियुक्ति को लेकर विवाद शुरू हो ग्याा था। दरअसल, आयसी को तुर्की के राष्ट्रपति रसेप तईप एर्दोगन के करीबी माना जाता है और एर्दोगन का पाकिस्तान के साथ गहरा संबंध है। वे कई बार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कश्मीर का मुद्दा उठा चुके हैं। ऐसे में यह मामला बेहद संवेदनशील हो गया था। 

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गृह मंत्रालय कर था पड़ताल

हाल ही में खबर आई थी कि भारत सरकार एयर इंडिया के नवनियुक्त सीईओ और एमडी इल्कर आयसी की बैकग्राउंड की जांच करेगी। गृह मंत्रालय किसी भी भारतीय कंपनी के प्रमुख पदों पर नियुक्त होने पर सभी विदेशी नागरिकों की पृष्ठभूमि की पूरी जांच करता है। नव नियुक्त सीईओ और एमडी के लिए भी यही प्रक्रिया होगी। आयसी एक तुर्की नागरिक है, इसलिए गृह मंत्रालय से उसकी पृष्ठभूमि की जांच के लिए खुफिया एजेंसी रॉ से मदद लेने की उम्मीद की जाती है। आईसी तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन के सलाहकार थे, जबकि 1994 से 1998 तक इस्तांबुल के मेयर थे। उन्होंने 2015 से 2022 तक टर्किश एयरलाइंस के अध्यक्ष के रूप में सेवा की थी और उन्हें एयरलाइन को बदलने का श्रेय दिया गया था।

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हाल ही में इकोनॉमिक टाइम्स की एक खबर के मुताबिक,  सूत्रों ने कहा था, ‘अगर आयसी की नियुक्ति को सरकार की तरफ से हरी झंडी नहीं मिलती है तो टाटा संस को प्लान बी (अन्य विकल्प) भी रेडी रखना होगा। अधिकारियों का कहना है कि इसके लिए सरकार को सावधानी के साथ सोच विचार करना होगा।’ 

 



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