Vaishno Devi stampede people alleges mata vaishno devi shrine board mismanagement – India Hindi News


वैष्णो देवी मंदिर में भगदड़ के चलते हुए भीषण हादसे के लिए प्रत्यक्षदर्शियों और दुर्घटना में बाल-बाल बचे लोगों ने श्राइन बोर्ड पर ठीकरा फोड़ा है। मौके पर मौजूद लोगों ने कहा कि नए साल के मौके पर भारी भीड़ मौजूद थी और उसके मिसमैनेजमेंट के चलते यह दुर्घटना हुई। शनिवार को सुबह 2:45 बजे मची भगदड़ में 12 लोगों की मौत हुई है, जबकि 14 लोग घायल हुए हैं। गाजियाबाद से माता का आशीर्वाद लेने आए एक श्रद्धालु ने कहा, ‘इस दुखद घटना की कोई और वजह नहीं है बल्कि कुप्रबंधन है। उन्हें पता था कि आज बड़ी संख्या में लोग जुट सकते हैं, लेकिन लगातार लोगों को एंट्री दी गई और फिर यह हादसा हो गया।’ हालांकि श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने आरोपों को खारिज किया है।

श्राइन बोर्ड ने कहा कि मौजूद भीड़ को देखते हुए सभी जरूरी उपाय किए गए थे। हर व्यवस्था की गई थी। वहीं जम्मू कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा कि घटना के दौरान पुलिस पूरी तरह से मुस्तैद थी और वह तुरंत मौके पर पहुंची थी। उन्होंने कहा कि पुलिस ने तत्काल रिएक्ट किया था, लेकिन तब तक नुकसान हो चुका है। घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए दिलबाग सिंह ने कहा कि कुछ युवकों के बीच बहस हुई और फिर धक्कामुक्की होने लगी थी। इस दौरान लोग पीछे हटने लगे और फिर भगदड़ की स्थिति पैदा हो गई। इसी वजह से यह हादसा हुआ है। 

श्रद्धालु बोले- मैनेजमेंट सही होता तो टल सकता था हादसा

माता वैष्णो देवी के दर्शन करने आए एक श्रद्धालु ने नाम उजागर न करने की शर्त पर कहा कि यदि अथॉरिटीज की ओर से प्रबंधन सही होता तो इस घटना को टाला जा सकता था। शख्स ने कहा, ‘ऐसी ही स्थिति दुर्घटना से कुछ वक्त पहले भी पैदा हुई थी, लेकिन सौभाग्य से किसी को नुकसान पहुंचा था और स्थिति कंट्रोल हो गई। हम 10 लोग साथ में आए हैं, सभी लोग पड़ोसी हैं। भारी भीड़ एक साथ आने के चलते भगदड़ की स्थिति हुई। कोई अंदर जाना चाहता था तो कोई बाहर। किसी किसी को जल्दी थी।’ युवक ने कहा कि जिस वक्त लोग भागे, उस समय कई लोग फर्श पर ही लेटे थे और इसके चलते ज्यादा नुकसान हुआ। 

‘सुबह 6 बजे तक नहीं मिल पाई कोई मदद, असहाय थे हम’

अपने मित्र को गंवाने वाले अरुण प्रताप सिंह ने कहा कि वह गोरखपुर से आए हैं। उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर में बहुत ज्यादा भीड़ थी। उन्होंने कहा, ‘मैं बीते 10 सालों से वैष्णो देवी के दर्शन को आ रहा हूं, लेकिन इस बार के जैसी भीड़ कभी नहीं देखी थी। दुर्घटना के वक्त हम बिलकुल असहाय थे और 6 बजे तक कोई मदद नहीं मिल पाई।’ बिहार के मुजफ्फरपुर से परिवार के साथ आईं रानी देवी ने कहा कि हम लोगों का सौभाग्य है कि हमारी जान बच गई। रानी ने कहा, ‘हमने देखा कि बहुत से लोग मृत फर्श पड़े थे। यह देखकर दिल टूट गया।’

फर्श पर लेटे थे श्रद्धालु, भगदड़ मची तो कुचले गए

एक अन्य श्रद्धालु आदित्य शर्मा ने कहा कि कुछ लोग फर्श पर लेटे हुए थे और भगदड़ होने पर वह कुचले गए। इससे बड़ी घटना हुई है। हादसे के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु देवी के दर्शन किए बिना ही वापस कटरा बेस कैंप लौट गए। एक अन्य महिला रेखा ने बताया, ‘हम लोग पठानकोट से आए हैं, लेकिन हादसे के चलते बिना दर्शन किए हम लोग भवन से वापस लौट रहे हैं।’ ग्वालियर से आए प्रेम सिंह ने कहा कि मंदिर परिसर में अव्यवस्था का माहौल था। श्रद्धालुओं की संख्या को लेकर कोई नियम नहीं था। इसके अलावा कोरोना गाइडलाइंस का भी कोई पालन करता नहीं दिखा।



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